
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र: प्रेम विवाह की इच्छा रखने वालों के लिए एक वरदान है यह मंत्र-साधना बहुत ही प्रभावी है। प्राचीन मान्यताओं में प्रेम को केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि दो परिवारों के मिलन का आधार भी माना गया है।
जब प्रेम को विवाह के शुभ बंधन में बदलने की इच्छा हो, किंतु विवाह मै बाधा आ रही हो तब इस साधना का संकल्प, सकारात्मक भावना के साथ किया जाता है। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र जैसे सवाल के लिए यह मंत्र सिद्धि-प्रधान माना जाता है। “लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र” का जाप पूरी श्रद्धा और सही जानकारी के साथ ही करे इससे प्रेम विवाह में आने वाली रुकावटें शांत हों जाती है और विवाह का मार्ग शुभ बनता है।
इस साधना के लिए सोमवार की रात्रि को स्नान करके स्वच्छ लाल या गुलाबी वस्त्र धारण करें। किसी शांत कमरे में जमीन पर लाल कपड़ा बिछाकर उसके सामने बैठें। अब एक साफ सफेद कागज लें और उस पर अपने प्रेमी/प्रेमिका का पूरा नाम लाल चंदन से लिखें। नाम लिखने के बाद कागज को अपने सामने रखें।
अब दोनों हाथ जोड़कर भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करें। मन में अपने प्रेम विवाह की शुभ इच्छा रखें। इसके बाद दाहिने हाथ में थोड़ा सा अक्षत लेकर निम्न मंत्र का जाप करें
ॐ क्लीं विवाहाय नमः॥ ॐ ह्रीं क्लीं सौम्यहृदयाय नमः॥ ॐ क्लीं कामदेवाय मम प्रेमं स्थिरं कुरु नमः॥
इस मंत्र का जाप 108 बार करें। जाप के लिए लाल चंदन की माला का प्रयोग करे । प्रत्येक मंत्र को स्पष्ट और धीमे स्वर में बोलें। हर बार मंत्र पढ़ते हुए सामने रखे नाम को देखते रहें और मन में यह संकल्प रखें कि यदि यह संबंध दोनों के लिए शुभ है तो विवाह का मार्ग सरल हो तथा परिवारों में प्रेम और सहमति उत्पन्न हो।
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की इस साधना में 108 मंत्र-जाप पूरा होने के बाद हाथ में रखे अक्षत को उसी नाम वाले कागज पर तीन बार धीरे-धीरे अर्पित करें। इसके बाद कागज को मोड़कर लाल कपड़े में लपेट दें और उसे किसी स्वच्छ स्थान पर सुरक्षित रख दें। कागज को किसी के सामने न खोलें और साधना पूरी होने तक उसी स्थान पर रहने दें।
‘खोया प्यार पाने के उपाय‘ की पारंपरिक साधना के अनुसार साधना के दौरान अपने मन को शांत रखना आवश्यक है। परिवार द्वारा विरोध होने पर क्रोध या विवाद होने पर इस मंत्र को पढ़े।इससे प्रेम विवाह सुखद बनता है और प्रेमी-प्रेमिका के साथ साथ दोनों परिवारों का सम्मान भी बना रहता है।
इस साधना को सात सोमवार तक किया जाता है। प्रत्येक सोमवार को उसी नाम लिखे कागज को सामने रखकर 108 बार मंत्र-जाप करें। हर बार जाप समाप्त होने के बाद थोड़े अक्षत कागज पर अर्पित करें। सातवें सोमवार को साधना पूरी होने के बाद कागज को लाल कपड़े में ही सुरक्षित रहने दें। उसे बार-बार खोलकर देखने की आवश्यकता नहीं है।
साधना के दौरान अपने व्यवहार में भी संयम रखें। प्रिय व्यक्ति से अनावश्यक बहस, शक या दबाव बनाने से बचें। यदि विवाह के लिए परिवार को समझाना हो तो इस मंत्र को 11 बार मन ही मन पड़े अपना ओर प्रेमी का नाम लेकर बात शुरू करे।
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की यह विधि सरल और शक्तिशाली है इस साधना का उद्देश्य प्रेम को शुभ दिशा देना और विवाह के मार्ग में आ रही बाधा को दूर करना है। Apne Pyar Ko Pane Ke Liye Kaun Sa Mantra Padhen जैसे पारंपरिक उपायों की तरह इसमें भी धैर्य और श्रद्धा को महत्व दिया गया है ।
प्रेम विवाह के लिए परिवार को मनाने का मोहनी मंत्र
यदि आप किसी के साथ प्रेम संबंध में हैं, लेकिन जब उसी प्रेम को विवाह के बंधन में बांधने की बात आती है तो आपका परिवार सहमति नहीं देता, तो यह स्थिति मन को बहुत परेशान करने वाली होती है। प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं, परंतु परिवार की असहमति, जाति-समाज की चिंता, आर्थिक स्थिति, रिश्तेदारों का दबाव या परिवार की अपनी अपेक्षाएं विवाह के मार्ग में बाधा बन जाती हैं। ऐसी स्थिति में मन में भय, चिंता और बेचैनी बनी रहती है।
प्रेम विवाह के लिए परिवार को मनाने का मोहनी मंत्र ऐसी परिस्थिति में परिवार के मन को बदलने की क्षमता रखता है। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र में आप के प्रेम को हमेशा के लिए आप का बनाने की शक्ति है।
इस साधना के लिए अमावस्या के बाद आने वाली पहली शुक्ल पक्ष की तिथि की रात्रि के समय स्नान करके स्वच्छ काले या गहरे नीले वस्त्र धारण करें। घर के किसी शांत कमरे में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने मिट्टी की एक छोटी कटोरी रखें और उसमें थोड़े से काले तिल डालें। अब एक साफ कागज लेकर परिवार के सदस्यों के नाम लिखें, जिनकी सहमति विवाह के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उस नाम-पत्र को काले तिलों वाली कटोरी के सामने रखें। और इस मंत्र का जप करें।
- मंत्र का जाप 125 बार करें। जाप के लिए काले हकीक की माला का प्रयोग करें। मंत्र का उच्चारण धीमे, गंभीर और स्पष्ट स्वर में करें। तांत्रिक परंपरा में मंत्र की ध्वनि के साथ संकल्प की दृढ़ता को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रेम विवाह के लिए परिवार को मनाने का मोहनी मंत्र का जाप करते समय मन को इधर-उधर न भटकने दें और केवल शुभ परिणाम की भावना रखें।
- जाप पूरा होने के बाद नाम लिखे कागज को तीन बार मोड़कर काले तिलों वाली कटोरी के नीचे रख दें। कटोरी को उसी स्थान पर रातभर रहने दें। अगले दिन कागज को निकालकर पीले कपड़े में बांधकर सुरक्षित स्थान पर रख दें और काले तिलों को किसी पेड़ की जड़ में अर्पित कर दें। यह विधि सात रात्रियों तक करे।
- लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की साधना करते समय परिवार के प्रति क्रोध या अपमान का भाव ना रखें । इस मंत्र का उद्देश्य किसी की इच्छा को छीनना नहीं, बल्कि साधक को उसके सच्चे प्रेम से हमेशा के लिए एक करना है।
- यदि परिवार विवाह के लिए तैयार नहीं है तो बार-बार झगड़ा करने के बजाय धैर्य रखें। और इस मोहनी मंत्र को सिद्ध करे इससे प्रेमी-प्रेमिका दोनों के परिवार सम्मान के साथ मान जायेगे।लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र के साथ ब्रह्मचर्य का पालन भी जरूरी है।
अंत में अपने इष्ट देव से प्रार्थना करें कि यदि यह प्रेम संबंध दोनों के लिए शुभ है तो परिवार के मन में समझ और सहमति उत्पन्न हो जाए। तथा विवाह का मार्ग मंगलमय बने। प्रेम को विवाह तक पहुंचाने के मंत्र सिद्धि के लिए साधना के साथ साथ धैर्य, विश्वास, सम्मान और समझदारी भी आवश्यक है। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र यदि पूरी विश्वास से सिद्ध किया जाए तो इसके तुरंत परिणाम मिलते है।
प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र

यदि आपका प्रेमी आपके साथ पहले जैसा प्रेम नहीं रखता, बातचीत कम हो गई है, छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव होने लगा है या आपको लगता है कि उसके मन में आपके लिए पहले जैसी भावना नहीं रही, तो यह स्थिति प्रेम संबंध में बहुत पीड़ा देती है। कई बार प्रेमी के बदलते व्यवहार से मन में संदेह, बेचैनी और अकेलापन पैदा होने लगता है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति चाहता है कि संबंध में फिर से वही अपनापन, विश्वास और प्रेम लौट आए। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र इसी प्रकार की परिस्थिति में प्रेम में मधुरता और आपसी लगाव बढ़ाने की पारंपरिक साधना है। ‘प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र‘ में जहां परिवार की सहमति और मन की शांति का संकल्प रखा जाता है, वहीं इस साधना का केंद्र प्रेम संबंध में स्नेह और विश्वास बढ़ाना माना जाता है।
इस साधना के लिए बुधवार की रात्रि प्रथम प्रहर का समय रखें। स्नान करके स्वच्छ हरे वस्त्र धारण करें। घर के शांत स्थान में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने हरे रंग का एक स्वच्छ कपड़ा बिछाएं। उस पर एक साबुत सुपारी रखें और उसके ऊपर थोड़ी सी मिश्री रख दें। पास में मिट्टी का छोटा दीपक रखें और उसमें तिल का तेल डालकर प्रज्वलित करें,अब निम्न मंत्र का जाप करे।
इस मंत्र का जाप 111 बार करें। जाप के लिए तुलसी की माला का प्रयोग करें। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की साधना में जाप पूरा होने के बाद सामने रखी सुपारी पर दाहिने हाथ से तीन बार हल्का स्पर्श करें। इसके बाद मिश्री को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। सुपारी को हरे कपड़े में बांधकर सात दिनों तक पूजा स्थान में सुरक्षित रखें। आठवें दिन उसे किसी स्वच्छ पेड़ के नीचे रख दें।
प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र की तरह इस साधना में भी ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। यदि प्रेमी के मन में दूरी या नाराजगी है तो उसके कारण को समझना आवश्यक है।
इस साधना को सात बुधवार तक किया जाता है। प्रत्येक बुधवार को उसी समय और उसी दिशा में बैठकर 111 मंत्र-जाप करें। साधना के दिनों में कटु वाणी, अनावश्यक विवाद और संदेह से बचें। प्रेमी से बातचीत हो तो पुराने विवादों को बार-बार दोहराने के बजाय विश्वास के साथ इस मोहनी मंत्र को सिद्ध करे।
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र का भाव प्रेम में स्थिरता और मधुरता लाना है। साधना के दौरान अपने मन में यह भावना रखें कि संबंध में दोनों के बीच सच्चा प्रेम, सम्मान और विश्वास बना रहे।
साधना समाप्त होने पर दीपक के सामने दोनों हाथ जोड़कर अपने इष्ट देव से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में जो प्रेम शुभ और सच्चा है, वह विश्वास तथा सम्मान के साथ मजबूत हो। धैर्य रखें और अपने व्यवहार में मधुरता बनाए रखें। यही भावना प्रेम विवाह के लिए परिवार को मनाने का मोहनी मंत्र को सकारात्मक दिशा देती है और प्रेम संबंध को मजबूत आधार प्रदान करती है।
लव मैरिज के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है
यदि प्रेम संबंध सच्चा होने के बाद भी विवाह की बात आते ही अनेक प्रकार की बाधाएं सामने आने लगें, तो मन में सबसे पहला प्रश्न यही उठता है कि आखिर लव मैरिज के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है। कई बार प्रेमी-प्रेमिका विवाह करना चाहते हैं, लेकिन परिवार की असहमति, सामाजिक दबाव, आर्थिक चिंता या भविष्य को लेकर बनी आशंकाएं संबंध को कठिन बना देती हैं। कभी-कभी दोनों के बीच प्रेम होने के बावजूद बार-बार होने वाले विवाद विवाह की संभावना को कमजोर करने लगते हैं। ऐसी स्थिति में विवाह के लिए यह मंत्र-साधना सहारा मानी जाती है। प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र जहां प्रेम में स्थिरता की कामना से जुड़ा है, वहीं इसका उद्देश्य प्रेम संबंध को विवाह की दिशा में शुभ रूप देना है।
इस साधना के लिए शुक्रवार की प्रातःकालीन बेला चुनी जाती है। सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान में पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने तांबे की छोटी थाली रखें और उसमें सात साबुत चावल के दाने, एक छोटी इलायची और थोड़ा सा कुमकुम रखें। इसके बाद थाली के बीच में एक लाल धागे की छोटी गांठ रख दें अब इस मंत्र का जाप करे।
“ॐ क्लीं गौरीशंकराय विवाह सिद्धिं नमः॥”
इस मंत्र का जाप 108 बार करें। जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें। प्रत्येक मंत्र को स्पष्ट उच्चारण के साथ पढ़ें। मंत्र-जाप के दौरान मन में किसी व्यक्ति को नियंत्रित करने का भाव न रखें। संकल्प यह रखें कि यदि आपका प्रेम संबंध दोनों के लिए शुभ है तो विवाह की बाधाएं दूर हों और आप दोनों एक हो जाए।
जाप पूरा होने के बाद लाल धागे को थाली में रख दें। सात चावल के दानों को दोनों हाथों से उठाकर भगवान शिव और माता पार्वती को मन ही मन अर्पित करने की भावना रखें। इलायची को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें और कुमकुम को पूजा स्थान पर रख दें। लाल धागे को अपने पूजा स्थान में ग्यारह दिनों तक सुरक्षित रखें।
“लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र” की यह साधना केवल मंत्र-जाप तक सीमित नहीं है। विवाह के लिए परिवार की सहमति दिलाने मैं यह शक्तिशाली मंत्र साधक की मदद करता है जिससे 24 घंटे मै स्वत ही विवाह के योग बनने लगते है।
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की तरह यहां भी प्रेम में विश्वास और धैर्य को महत्व दिया गया है। साधना के दिनों में प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे से कटु शब्द न बोलें और पुराने विवादों को बार-बार न दोहराएं। यदि परिवार से बातचीत करनी हो तो शुक्रवार या किसी शुभ अवसर पर शांत वातावरण में बात करना बेहतर माना जा सकता है।
इस साधना को पांच शुक्रवार तक दोहराया जाता है। प्रत्येक शुक्रवार को वही क्रम रखें और 108 मंत्र-जाप करें। पांचवें शुक्रवार को लाल धागे को किसी स्वच्छ स्थान पर सुरक्षित रख दें। पूजा की सामग्री को इधर-उधर न फेंकें और साधना के दौरान मन को नकारात्मक विचारों से दूर रखें।
अंततः प्रश्न केवल यह नहीं है कि प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र, बल्कि यह भी है कि प्रेम को विवाह योग्य बनाने के लिए व्यक्ति स्वयं कितना धैर्य, विश्वास और जिम्मेदारी निभाता है।
प्रेम विवाह के लिए प्रेमिका के परिवार को मनाने का मोहनी मंत्र
यदि प्रेमिका आपके साथ विवाह करना चाहती है, लेकिन उसके परिवार वाले इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, तो प्रेम संबंध के सामने एक कठिन परिस्थिति खड़ी हो जाती है। कभी परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा की चिंता होती है, कभी जाति या रिश्तेदारी का दबाव होता है और कभी उन्हें लड़की के भविष्य को लेकर संदेह रहता है।
ऐसे समय में प्रेमी-प्रेमिका को एक करने और परिवार को राजी करने में यह लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र आपकी समस्या का हल कर सकता है।इस प्रकार की स्थिति में व्यक्ति के मन की शांति, समझ और सकारात्मक विचार जाने लगते है। ऐसे समय में यह साधना रामबाण साबित होती है।
Love Marriage Ke Liye Sabse Shaktishali Mantra Kaun Sa Hai जैसे विषयों में जहां विवाह की बाधाओं पर ध्यान दिया जाता है, वहीं इस साधना का विशेष भाव परिवार की सहमति और रिश्ते को समझने की भावना से जुड़ा है।
इस साधना के लिए रविवार की संध्या के समय स्नान करके स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। घर के शांत स्थान में दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने एक मिट्टी की छोटी हांडी रखें। उसमें थोड़े से चने भरें और ऊपर एक साबुत हल्दी की गांठ रख दें। इसके अतिरिक्त कोई दूसरी सामग्री न रखें।
सबसे पहले भगवान गणेश और सूर्यदेव का स्मरण करें। अब अपनी प्रेमिका के परिवार में जिस व्यक्ति की सहमति सबसे अधिक आवश्यक है, उसके बारे में मन में शुभ भावना रखें। उसके मन से भय, भ्रम और गलतफहमी दूर होने तथा आपके संबंध को निष्पक्ष दृष्टि से समझने की प्रार्थना करें। इसके बाद यह मंत्र पढ़ें
“ॐ ह्रीं क्लीं सौम्यचित्ताय नमः॥”
इस मंत्र का जाप 101 बार करें। जाप के लिए तुलसी की माला का प्रयोग करें। प्रत्येक मंत्र का उच्चारण शांत और स्पष्ट स्वर में करें। साधना के दौरान मन को केवल शुभ संकल्प पर टिकाए रखें। किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रभावित करने की भावना न रखें, बल्कि परिवार के मन में प्रेम और समझ उत्पन्न होने की प्रार्थना करें।
लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र का जाप पूरा होने के बाद हांडी में रखी हल्दी की गांठ को दाहिने हाथ से स्पर्श करें और अपने इष्ट देव का स्मरण करें। हांडी को पूरी रात उसी स्थान पर रहने दें। अगले दिन चने किसी जरूरतमंद को दान कर दें और हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बांधकर पूजा स्थान में रख दें।
Love Marriage Ke Liye Sabse Shaktishali Mantra Kaun Sa Hai जैसी साधनाओं में भी केवल सही जानकारी का ही महत्व है गलत विधि से किया गया प्रयोग दुष्परिणाम देता है।
इस साधना को नौ रविवार तक किया जाता है। प्रत्येक रविवार को सूर्यास्त के बाद उसी दिशा में बैठकर 101 मंत्र-जाप करें। हर बार नई हांडी लेने की आवश्यकता नहीं है। साधना के दौरान परिवार के किसी सदस्य के प्रति अपशब्द, क्रोध या अपमान का भाव न रखें। प्रेमिका पर भी परिवार के विरुद्ध जाने का अनावश्यक दबाव न डालें।
प्रेम विवाह में परिवार की सहमति मिलने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए साधना के साथ प्रेमिका से शांतिपूर्वक भविष्य की बात करें और विवाह के बाद की जिम्मेदारियों पर पहले से सहमति बनाएं।
इस प्रकार लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र का भाव परिवार के मन में शुभ विचार और आप के प्रेम संबंध के प्रति समझ पैदा करना है। पुर्ण विधि और सही जानकारी = के साथ श्रद्धा, धैर्य और संयम के साथ साधना करें इस साधना से जल्दी ही आप की प्रेमिका का परिवार विवाह के लिए बिना किसी दबाव के मान जाएगा।
मोहनी मंत्र से करे अपने प्यार को अपनी तरफ
यदि प्रेम संबंध में रहते हुए आपको महसूस हो कि आपका प्रिय व्यक्ति पहले जैसा समय नहीं देता, बातचीत में रुचि कम हो गई है या किसी गलतफहमी के कारण उसके व्यवहार में दूरी आ गई है, तो मन में अनेक प्रकार के प्रश्न उठने लगते हैं।
कभी-कभी प्रेमी-प्रेमिका के बीच किसी तीसरे व्यक्ति की वजह से भी तनाव पैदा हो जाता है, तो कभी छोटी-सी बात धीरे-धीरे बड़ी दूरी का कारण बन जाती है। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति चाहता है कि रिश्ते में फिर से अपनापन, आकर्षण और मधुरता लौटे।
प्रेमी का अटूट प्यार पाने का मोहनी मंत्र ऐसा ही शक्तिशाली मंत्र है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की इच्छा छीनना नहीं, बल्कि प्रेम में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और मधुर व्यवहार के लिए संकल्प करना है। “लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र” से अलग इस साधना का केंद्र सीधे प्रेम संबंध में आई दूरी को शांत करना माना जाता हैं।
इस साधना के लिए बृहस्पतिवार की संध्या का समय चुनें। सूर्यास्त के बाद स्नान करके स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण करें। घर के किसी शांत कमरे में पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने एक छोटी कांच की कटोरी रखें और उसमें थोड़ा सा शहद भरें। अब एक साफ-सफ़ेद धागा लें और उसे कटोरी के पास रख दें। साधना के दौरान किसी फोटो या नाम-पत्र की आवश्यकता नहीं है।
सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर अपने इष्ट देव का ध्यान करें। आंखें बंद करके कुछ क्षण शांत रहें। मन में अपने प्रेम संबंध की उस मधुर अवस्था को याद करें जिसमें दोनों के बीच विश्वास और अपनापन था। इसके बाद निम्न मंत्र का जाप करें
“ॐ ह्रीं क्लीं प्रेममाधुर्याय नमः॥”
- इस मंत्र का जाप 81 बार करें। जाप के लिए कमल के गत्ते की माला का उपयोग किया जा सकता है। मंत्र का उच्चारण धीमे और स्पष्ट स्वर में करें। प्रत्येक जाप के साथ मन में यह संकल्प रखें कि आपके प्रेम संबंध में आई कटुता दूर हो, संवाद बेहतर हो और दोनों के मन में स्नेह तथा सम्मान बना रहे।
- लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की साधना में 81 मंत्र पूरे होने के बाद सफेद धागे को दाहिने हाथ में लेकर तीन गांठें लगाएं। पहली गांठ पर प्रेम, दूसरी पर विश्वास और तीसरी पर मधुरता का संकल्प करें। इसके बाद धागे को उसी स्थान पर रख दें और शहद को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। धागे को 7 दिनों तक पूजा स्थान में सुरक्षित रखें।
- लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की तरह यहां भी साधना को सही तरह से सिद्ध करने कर दिया गया है
- इस साधना को पांच बृहस्पतिवार तक किया जा सकता है। हर गुरुवार को संध्या के समय उसी स्थान पर बैठकर 81 बार मंत्र-जाप करें। पांचवें दिन तीन गांठ वाले धागे को किसी स्वच्छ स्थान पर सुरक्षित रख दें। साधना के दिनों में झूठ, अपशब्द, अनावश्यक शक और जानबूझकर विवाद करने से बचें।
इस प्रकार लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र का पारंपरिक भाव प्रेम में मधुरता और सकारात्मक आकर्षण की कामना से जुड़ा है। साधना के साथ दान, जप और संकल्प भी बेहद जरूरी हैं।
लव मैरिज को सफल बनाने का मोहनी मंत्र

यदि प्रेम संबंध विवाह तक पहुंच भी जाए, लेकिन विवाह के बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद, परिवार का हस्तक्षेप, आपसी गलतफहमियां या भविष्य को लेकर तनाव बना रहे, तो धीरे-धीरे रिश्ते की मधुरता कम होने लगती है। कई बार प्रेम विवाह से पहले दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं|
लेकिन विवाह के बाद जिम्मेदारियां बढ़ने पर व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है। ऐसी स्थिति में मन में यह चिंता रहती है कि प्रेम और वैवाहिक जीवन की मधुरता लंबे समय तक कैसे बनी रहे। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र इसी समस्या का समाधान है, अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी लव मैरिज सफल हो तो। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र जैसे मंत्र मै एक आकर्षण होता है,जिसका मुख्य उद्देश्य पहले से बने प्रेम संबंध को वैवाहिक जीवन में स्थिर और मधुर बनाए रखना है।
इस साधना के लिए मंगलवार के सूर्योदय से लगभग आधा घंटा पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के शांत कमरे में उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने सामने एक मिट्टी की छोटी कटोरी रखें और उसमें गुलाब की सूखी पंखुड़ियां रखें। पास में एक छोटा तांबे का सिक्का रखें। अब इस मंत्र का जप करे
“ॐ क्लीं सौभाग्याय दाम्पत्याय नमः॥”
- इस मंत्र का जाप 108 बार करें। जाप के लिए तुलसी की माला का प्रयोग करें। प्रत्येक मंत्र को स्पष्ट और शांत स्वर में बोलें।
- लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की साधना में 108 जाप पूरे होने के बाद, गुलाब की पंखुड़ियों में से थोड़ी-सी पंखुड़ियों को दाहिने हाथ में लेकर अपने इष्ट देव का स्मरण करें। फिर उन्हें घर के किसी स्वच्छ पौधे की मिट्टी में अर्पित कर दें। तांबे के सिक्के को पूजा स्थान पर रख दें और उसे सात दिनों तक वहीं रहने दें।
- लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की तरह यहां भी साधना का आधार सकारात्मक भावना है। विवाह के बाद यदि पति-पत्नी में मतभेद हो रहे हों तो इस मंत्र साधना को करे।
- इस साधना को नौ मंगलवार तक किया जा सकता है। प्रत्येक मंगलवार को भोर के समय उसी दिशा में बैठकर 108 मंत्र-जाप करें। हर बार ताजी सूखी गुलाब की पंखुड़ियां रखें। नौवें मंगलवार को साधना पूरी होने के बाद तांबे के सिक्के को किसी मंदिर में श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें।
इस प्रकार लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र को पारंपरिक रूप से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द भरने की शक्ति रखता है। लव मैरिज के लिए मोहिनी मंत्र की तरह यहां भी आकर्षण को केवल बाहरी प्रभाव नहीं, बल्कि अपनापन और व्यवहार की मधुरता माना गया है। सच्चा वैवाहिक सुख तब मजबूत होता है जब मंत्र-साधना के साथ दोनों जीवनसाथी एक-दूसरे के सम्मान, विश्वास और भावनाओं की रक्षा करें।